किसान ऑफ़ इंडिया सम्मान का 2nd एडिशन उन किसानों, इनोवेटर्स और चेंजमेकर्स को स्पॉटलाइट करने जा रहा है, जो खेती को अपने तरीक़े से परिभाषित कर रहे हैं। इस साल का फ़ोकस है- महिला और युवा, क्योंकि फ़ार्मिंग की नेक्स्ट जेनरेशन सिर्फ़ खेतों में काम नहीं कर रही, बल्कि नए आइडियाज़, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप के साथ इसकी डायरेक्शन भी बदल रही है।
इस इवेंट में निम्नलिखित श्रेणियों में उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा:
किसान ऑफ़ इंडिया सम्मान हर साल और भी ज़्यादा कृषि नायकों तक पहुंच रहा है।
किसान ऑफ़ इंडिया सम्मान की शुरुआत हुई, जिसमें देशभर से नामांकन आमंत्रित किए गए और सात श्रेणियों में पहली बार कृषि नायकों को सम्मानित किया गया।
सात श्रेणियों में सात कृषि नायकों को सम्मानित किया जाएगा। नामांकन अभी खुले हैं — देशभर के किसानों से अपनी कहानी साझा करने का आग्रह है।
प्रत्येक श्रेणी से एक किसान को चुना जाएगा जिसने अपने क्षेत्र में ख़ास योगदान दिया है।
इस वर्ष किसान ऑफ़ इंडिया कृषि के क्षेत्र में नेतृत्व, उद्यमिता, प्रभाव और नवाचार के माध्यम से महत्वपूर्ण बदलाव ला रहे लोगों को सम्मानित करने के लिए तीन विशेष सम्मान लेकर आ रहा है।
जूरी के सदस्य कृषि तकनीकों में नए विचार, टिकाऊ तरीकों और समाज पर प्रभाव जैसे मानकों पर नामांकनों का मूल्यांकन करेंगे।

पूर्व निदेशक विस्तार, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, यूपी

पूर्व निदेशक, आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान, लखनऊ

हिंदुस्तान के प्रबंध संपादक

पद्मश्री पुरस्कार विजेता किसान
नरेन्द्र सिंह मेहरा

‘किसान ऑफ़ इंडिया’ ने देशभर से ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले किसानों को खोजकर सम्मानित किया। जैविक खेती श्रेणी में सम्मान मिलने पर मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। ये मंच किसानों और कृषि के लिए अहम भूमिका निभा रहा है।

आज 'किसान ऑफ़ इंडिया' की तरफ़ से मुझे 'डेयरी फ़ार्मिंग' में सम्मानित किया गया। बहुत-बहुत 'किसान ऑफ़ इंडिया' का आभारी हूं कि इस क़ाबिल मुझे समझा। अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान हुए सत्रों से बहुत कुछ सीखने और जानने को भी मिला।

16 साल की उम्र में ₹3,000 से 100 मुर्गियों के साथ पोल्ट्री शुरू की। आज 1.8 लाख मुर्गियां, 50 लोगों को रोज़गार और ₹15 करोड़ का कारोबार है। ‘किसान ऑफ़ इंडिया’ ने मेरे काम को पहचानकर एग्री स्टार्टअप श्रेणी में सम्मानित किया, जिसका आभारी हूं।

मैं ‘किसान ऑफ़ इंडिया’ का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने देश के अच्छे किसानों को खोजकर सम्मानित किया। मुझे गर्व है और आगे भी कोशिश करूंगा कि हमारे क्षेत्र के और किसान बेहतर काम करें और देशभर में सम्मानित हों।

मैं 'किसान ऑफ़ इंडिया' का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। जो हमारा नुक़सान हो रहा था, हमने प्रोसेसिंग करके उस नुक़सान को एक अच्छे मुनाफ़े में चेंज कर दिया। 'किसान ऑफ़ इंडिया' किसानों की नई तकनीक और इनोवेशन को दूसरे किसानों तक पहुंचाकर उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का मौक़ा देता है।

मैं ये सम्मान पाकर बहुत ख़ुश हूं। कृषि और मत्स्य पालन के क्षेत्र में मैंने हज़ारों लोगों को रोज़गार दिया है। किसान भाइयों, ख़ासकर युवाओं से मेरा संदेश है- सिर्फ़ नौकरी के पीछे न भागें, खेती और मत्स्य पालन से जुड़ें, इसे आगे बढ़ाएं और मुझसे भी बड़ा सम्मान हासिल करें।

'किसान ऑफ़ इंडिया' का धन्यवाद, जिन्होंने मेरे प्रयासों को सम्मान दिया। ये हम जैसे किसानों को अपनी नई टेक्नोलॉजी और काम दुनिया के सामने रखने का प्लेटफ़ॉर्म देता है, जिससे नई मार्केट और आगे बढ़ने के मौक़े मिलते हैं।
देशभर का कोई भी किसान, या किसी किसान की ओर से कोई भी व्यक्ति, सातों श्रेणियों में से किसी एक के लिए नामांकन फॉर्म भर सकता है।.
किसान के इनोवेटिव काम का विवरण, फ़ोटोग्राफ़, और संबंधित उपलब्धियों की जानकारी फॉर्म में भरनी होती है। जितनी विस्तृत जानकारी होगी, जूरी के लिए मूल्यांकन उतना ही आसान होगा।
विशेषज्ञों का एक पैनल सभी नामांकनों का मूल्यांकन करता है — नई तकनीकों के इस्तेमाल, टिकाऊ तरीकों, समाज पर प्रभाव, और किसानों की आजीविका सुधारने में योगदान जैसे मानकों पर। हर श्रेणी से एक विजेता चुना जाता है।
नहीं, नामांकन पूरी तरह निःशुल्क है। सिर्फ़ फॉर्म भरकर ज़रूरी जानकारी और फ़ोटो जमा करनी होती है।
जी हां, ‘कृषि में सर्वश्रेष्ठ ज़िला’ श्रेणी के लिए अलग फॉर्म है, जिसमें ज़िले के सामूहिक कृषि प्रयासों और योजनाओं की जानकारी दी जाती है।